पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PACL) एक रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी थी जो करोड़ों के घोटाले में शामिल है । 2015 में सेबी इंडिया द्वारा पर्ल्स को एक धोखाधड़ी कंपनी घोषित किया गया था और अभी सेबी उन सभी लोगो से सभी दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन करवा रही है जिन्होंने इस कंपनी में अपना पैसा इन्वेस्ट किया था

सेबी द्वारा PACL रिफंड प्रक्रिया शुरू करने में  देरी क्यों ?

हम में से कई लोग इस तथ्य से स्पष्ट रूप से अवगत हैं कि किसी भी सरकारी कार्यवाही में चीजों को वास्तविकता में लाने में समय लगता है और यह एक बोहत बड़ा घोटाला है जहाँ करोड़ो गरीब लोगों की कमाई को चूना लगाया गया है

तो यह प्रक्रिया निश्चित रूप से जटिल होने वाली है। जब हम PACL रिफंड प्रक्रिया के बारे में बात करते हैं जो अभी भी सेबी कुछ बोहत बड़ी रहत इन्वेस्टर्स को नहीं दे पायी है , तो हमें यह कहना होगा कि प्रक्रिया को बिना किसी कारण के बेकार में बढ़ाया जा रहा है। पर्ल्स 2015 में ही ब्लैकलिस्ट हो गयी थी और हम आज 2019 में हैं, लेकिन अभी भी सभी 6 करोड़ निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं किया गया है।

यह बहुत आश्चर्य की बात है कि सेबी जैसी संस्था, भारत का बाजार नियामक, 4 वर्षों में लगभग 6 करोड़ निवेशकों के धन वापसी के लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रही है। केवल मूलधन निवेश 2,500 रूपए तक ही वापिस कर दिए गए हैं लेकिन इन निवेशकों की गिनती बहुत कम है। इसलिए, गणना पर हम यह पता लगा सकते हैं कि निवेशकों की एक बड़ी मात्रा का भुगतान किया जाना अभी बाकी है और सेबी को प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।

निवेशकों का आत्महत्या और विरोध करना

  •  एक गरीब व्यक्ति सोचता है यह सोच कर अपनी जमा पूंजी इन्वेस्ट करता है के उसे कुछ लाभ होगा लेकिन फिर PACL जैसी धोखाधड़ी वाली कंपनियां आती हैं और लोगों को निवेश करने के लिए मनाती हैं यह PACL निवेशकों का भाग्य है जो अभी भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। हर रोज़ कही न कही से खबर आती है की किसी एजेंट ने परेशान होकर आतम हत्या की है या फिर किसी गरीब इन्वेस्टर ने तंग आकर फांसी लेली. क्यूंकि अपनी उम्र भर की कमाई के लिए ही इतना भाग दौड़ करना बोहत ही परेशानी भरा और मुश्किल काम है और आखिर में परेशानिओ छुटकारा कवर मौत ही दिल्व सकती है आप उन एजेंट्स की हालत के बारे में अनु मान भी नहीं लगा सकते जिन्होंने लोगो क डर से घर से बहार आना ही बंद कर दिया था ऐसे एजेंट भी कई जगह फांसी ले चुके हैं लोगो की धमकियों से डर करइस प्रक्रिया के बीच में, कई निवेशकों तनाव के कारण आत्महत्या कर ली, जो कि बहुत देरी से वापसी की प्रक्रिया के कारण हुआ है और उसकी जिम्मेवार पूरी तरह से सेबी को बताया जा सकता है
  • कुछ लोग सरकार तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनकी दलील अभी भी अनसुनी है। राम लीला मैदान में कई धरना अभियान, विरोध प्रदर्शन और प्रभावित निवेशकों द्वारा पर्ल्स और सेबी द्वारा धोखा दिए जाने की दुखद कहानी को संबोधित करने के लिए जुलूस निकाले गए क्योंकि अभी भी रिफंड उन तक नहीं पहुंचा है।
  • लेकिन सबसे बुरी बात यह है कि निवेशकों द्वारा किए गए सभी विरोध प्रदर्शन, अभियान और आत्महत्याएं व्यर्थ लगती हैं क्योंकि सेबी और भारत सरकार ने इस विकट स्थिति पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, बल्कि, पीएसीएल रिफंड का इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ है।
  • निवेशकों ने एजेंटों को मरने की धमकी दी: इस पूरे परिदृश्य में एक बड़ा झटका लगा है कि कुछ निवेशकों ने उन एजेंटों को धमकी देने की भी कोशिश की है जिन्होंने उन्हें पीएसीएल में निवेश करने के लिए राजी किया है। इन एजेंटों को डर है और वे अपने घरों से बाहर नहीं आ रहे हैं । धमकी देने वाला रास्ता बिलकुल सही नहीं हैं और यह तरीका आपको किसी भी तरह से अपने रिफंड दिलवाने में सफल होगा ।

PACL की सभी प्रॉपर्टी जब्त लेकिन कहां है ?

  1. पर्ल्स को ब्लैक लिस्ट में डालने के बाद, सेबी इंडिया ने कंपनी के खिलाफ एक जांच शुरू की और यह पता चला कि PACL निवेशकों द्वारा निवेश किए गए धन का उपयोग करके, इस रियल एस्टेट कंपनी ने ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप में एक भव्य संपत्ति खरीदी। इसके अलावा और भी कही प्रॉपर्टीज में इन्वेस्ट किया है | जो पैसा पूरी तरह से इन्वेस्टर्स का है
  2. लोढ़ा समिति ने सेबी को ऑस्ट्रेलियाई फेडरल कोर्ट में एक याचिका दायर करने के लिए कहा, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई सरकार को महाद्वीप में पीएसीएल संपत्तियों को बेचने का अधिकार माँगा है और इस वर्ष २०१९ में उसका फैसला भी आ गया है। अब ऑस्ट्रेलिया की की सभी प्रॉपर्टीस सेबी सेल भी क्र सकता है और वह आया पैसा इन्वेस्टर्स को वापिस क्र सकता है लेकिन अभी तक यह कोई खबर नहीं आयी के सेल की भी गयी है या नहीं और अगर की गयी है तो कितना पैसा वह से भारत आएगा
  3. जुलाई 2018 में, ऑस्ट्रेलियाई न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए एक निर्णय पारित किया और पीएसीएल की सभी संपत्तियां बेचने का अधिकार सेबी को दे दिया गया और उसके बाद जो प्रोएर्टीज़ बेचीं गयी उससे लगभग 1400 करोड़ रुपये आये.
  4. महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा। यहां उपलब्ध सभी संपत्तियों की नीलामी की गई और बिक्री से अधिक 17 करोड़ आये
  5. इतनी बड़ी राशि के जमा होने के बाद भी, सेबी 4 लंबे वर्षों में सभी निवेशकों को वापस करने में असमर्थ है।

पीएसीएल रिफंड की प्रक्रिया में देरी का समाधान क्यों नहीं हुआ ?

  1. पीएसीएल रिफंड का पहला राउंड जनवरी 2018 में शुरू हुआ और सभी निवेशकों को मूल राशि 2,500 रु तक अक्टूबर २०१८ में वापस कर दिए गए। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि विभिन्न पीएसीएल परिसंपत्तियों से पर्याप्त राशि वसूलने के बाद भी, सेबी इंडिया ने केवल कुछ ही दावेदारों को उनका पैसा वापस किया।
  2. बाकी निवेशकों में नाराजगी थी और उन्होंने रिफंड प्रक्रिया में देरी के लिए सरकार और सेबी की आलोचना की। सरकार और सेबी को बैकफुट पर देखते हुए, शेष निवेशक एक आम सहमति पर पहुंचे कि वे लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान नहीं करेंगे
  3. सेबी इंडिया ने रिफंड के दूसरे दौर की घोषणा की। पीएसीएल रिफंड के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2019 है और इसमें निवेशकों के लिए क्लेम राशि 2500 रु से अधिक है। रिफंड क्लेम रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

रिफंड के लिए आवेदन करने में आने वाली समस्याएँ

हालांकि सेबी ने रिफंड की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन उनके रिफंड जमा होने का इंतजार कर रहे लोगों की दुर्दशा का कोई अंत नहीं है। इन गरीब दावेदारों को अपना पैसा वापस पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। उन्हें क्या करना है चाइये :

  1. रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सबसे बुरी बात यह है कि सेबी पीएसीएल रिफंड पंजीकरण और लॉगिन पेज पंजीकरण करते समय त्रुटियों को दिखाता है और वेबसाइट में टेक्नीकल एरर की वजय से वेबसाइट बंद भी पड़ जाती है
  2. इसके कारण के चलते SEBI ने PACL रिफंड के पंजीकरण की तारीख बढ़ा दी क्योंकि बहुत से लोग इस वेबसाइट एरर के कारण आवेदन नहीं कर पाए थे ।
  3. इससे भी अधिक नाराजगी यह है कि कई दस्तावेज रिफंड दाखिल करने के लिए जमा नहीं किए जा सकते हैं। लोगों को केवल विशिष्ट दस्तावेज जैसे पैन कार्ड जमा करने के लिए निर्देशित किया गया है जो सभी दावेदारों के पास नहीं है। क्यूंकि ज्यादातर लोग गरीब और मजदूर वर्ग से आते हैं और उन सबब लोगो के पास पैन कार्ड जैसे दस्तावेज नहीं हैं और इसके बाद उन्हें यह कार्ड बनवाना पड़ेगा जिसे बनकर आने में समय भी लगेगा |
  4. कुछ निवेशकों ने अपनी रसीद भी खो दी है जिसके माध्यम से वे आवेदन कर सकते थे। सेबी को ऐसे लोगों को समाधान प्रदान करने की आवश्यकता है।

इस तरह हमारे देश में गरीबों को पीड़ित बनाया जाता है। पहले उन्हें एक कंपनी द्वारा उनकी मेहनत की कमाई इन्वेस्ट करवाकर धोखा दिया जाता है, कई प्रसिद्ध हस्तियों और राजनेताओं द्वारा इस सौंपने को प्रचारित किया जाता है और जब इसे स्कैम घोषित किया जाता है तो लोग अपने पैसे वापस मांगते हैं, तो उन्हें ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह भारत का चेहरा बन रहा है। हम PACL रिफंड के साथ लंबित सहारा मामले को देख सकते हैं, जिसकी तारीख सेबी द्वारा इतनी सारी शिकायतें और धमकियां मिलने के बाद ही बढ़ा दी गई थीं कि वे आगामी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं, भगवान ही जानता है कि सेबी इंडिया को शेष निवेशकों को वापस करने की कितनी आवश्यकता है। और सेबी को प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।

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20 thoughts on “PACL वापसी ताजा खबर 2021 – PACL Refund List

  1. In case of receipt lost but having the PACL Certificate what possibility is there for refund ?

    1. Aur kitne din rukn hoga
      Hume paise k jarwat hai aur hame kuch nhi Diya Gaya 4 saal hogae bond ko abhi TK nhi Mila Paisa

  2. Sir,
    Humne orignal Bond pehle deposited ker diya tha or humne Sebi Helpline No. Per Phone kiya tha ki Hum bhi Aavdan ker sakte hai kya ? Sebi ke or se mana ker diya gaya ki aapke liye 31 july 2019 ke baad date de jayge but Aapke dwara koi date abhi tak Announced nahi ke gayi hai.

  3. mujhe indian government par bilkul bhi bharosa nahi hai. sarkari kam itna deri se hota hai ki milne wale nyay tak log duniya se ja chuke hote hai. dusri bat bina paisa khaye india me koi kam nahi hota. sebi ko jab tak koi paisa khane ka rasta nahi milta hame hamara paisa nahi milega. hamare desh me death certificate bhi tab milta hai jab aap kam se kam 5000 rupye babu ko nahi khila dete. apna paisa lene ke liye bhi paisa khilana padta hai. to bekar me intezar mat kijiye aur apna dhyan paisa kamane par dijiye agar naseeb me hoga tab hi milega nahi to chala to gaya hi hai kab tak apni kismat par royenge.

  4. PACL Account par BAN laganese issue kiya gaya cheque (on maturity) bounce ho gaya tha aur paise nahi mile. Please please hamara paise kaise milega?

  5. sir, sir hum pacl ke agent rahe he or hamre custmer hame pareshan kar rahe kab tak milega pesa.
    hamare bahut se policy dharako ke pacl bond se bankpassbook ke name match nahi rahe he to sir uska kya upay he ,

  6. Our center government and state government take the responsibility in this issue why you provided the licence for Pearl company. So government refund this money.

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